रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी में कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर विभागीय पदोन्नति का कोटा 70 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने के फैसले ने पत्रोपाधि अभियंताओं में आक्रोश भड़का दिया है। इस फैसले के खिलाफ अभियंता संघ ने मोर्चा खोल दिया है और आज शाम 5 बजे कंपनी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
पावर जनरेशन कंपनी में नए भर्ती नियमों के मुताबिक अब विभागीय पदोन्नति का कोटा घटाकर 40% कर दिया गया है। वहीं विभागीय सीधी भर्ती 10% पर यथावत रखी गई है, लेकिन खुली सीधी भर्ती का कोटा 20% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। यही मॉडल अब वितरण कंपनी में लागू करने की भी तैयारी है।
स्थानीय युवाओं के मौके कम होंगे
पदोन्नति के कोटे में कटौती से नाराज़ अभियंताओं का कहना है कि इस फैसले से सबसे बड़ा नुकसान स्थानीय अभियंताओं और कर्मचारियों को होगा। खुली भर्ती में दूसरे राज्यों के प्रतियोगियों को भी जगह मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के अवसर घटेंगे।
‘नई भर्ती से कंपनी पर बढ़ेगा बोझ’
पत्रोपाधि अभियंता संघ ने प्रबंधन को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि अधिकांश कनिष्ठ अभियंता पहले से ही सहायक अभियंता के उच्च वेतनमान पर कार्य कर रहे हैं। उन्हें पदोन्नति देने से कंपनी पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं आएगा। उल्टा, बाहरी भर्ती करने से नए वेतन और भत्तों का बोझ कंपनी पर बढ़ेगा।
संघ के प्रांतीय महासचिव ने साफ कहा – “यह निर्णय न सिर्फ़ हमारे पदोन्नति के हक़ को छीनने वाला है, बल्कि स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ भी है। जब तक कोटा 70% बहाल नहीं किया जाता, हमारा विरोध जारी रहेगा।”
अब देखना यह होगा कि आज पावर कंपनी मुख्यालय के सामने होने वाला यह प्रदर्शन प्रबंधन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर पाता है या नहीं।




