KHABARWAAD RAIPUR. रायपुर लोकसभा में एक अफवाह है कि कांग्रेस उम्मीदवार विकास उपाध्याय लोकसभा का टिकट लौटाने के लिए दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। वे दो दिनों से दिल्ली में है और पार्टी के नेताओं से अपना नाम वापस लेने के लिए जोर बना रहे हैं। कहा जा रहा है इसके पीछे विकास ने जातिगत समीकरण का तर्क दिया है। हालांकि कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इसका खंडनकरते हुए इसे अफ़वाह बताया है और ऐसी किसी ख़बर की पुष्टि नहीं की है। इस ख़बर को अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी सच नहीं बताया है।
शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ की छह लोकसभा सीटों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसमें मुख्यमंत्री समेत पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया, ताम्रध्वज साहू, राजेंद्र साहू, मौजूदा सांसद ज्योत्सना महंत और विकास उपाध्याय का नाम शामिल है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के सूची जारी करने के अगले दिन विकास उपाध्याय दिल्ली रवाना हो गए हैं। यहां वे पार्टी नेताओं से मिलकर टिकट लौटाने का अनुरोध कर रहे हैं। इधर, रायपुर लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ विधायक और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। माना यह भी जा रहा है कि बृजमोहन अग्रवाल का यहां से जीतना तय है।
बृजमोहन के खिलाफ प्रमोद भी लौटा चुके हैं टिकट
यह पहली बार नहीं है जब बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ कांग्रेस नेता ने टिकट लौटाने की बात कांग्रेस पार्टी में रखी हो, इससे पहले रायपुर दक्षिण से पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भी बृजमोहन को बड़ा भाई बताते हुए विधानसभा चुनाव का टिकट लौटा दिया था। विकास को रायपुर लोकसभा से टिकट मिलने के बाद से ही लोगों में चर्चा थी कि बृजमोहन के सामने विकास को खड़ा कर उनकी राजनीतिक हत्या का प्रयास किया गया है। ऐसे में दिल्ली जाकर अपने टिकट को वापस करने की चर्चा से लग रहा है कि विकास इसे भलीभांति समझ रहे हैं।
4 बार मंत्री 8 बार के विधायक है बृजमोहन अग्रवाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल साल 1990 को महज 31 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद से 1993, 1998, 2003, 2008, 2013, 2018 और 2023 में वे लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार में चार बार कैबिनेट मिनिस्टर रहे हैं। इन्हें छत्तीसगढ़ में राजनीति का चाणक्य भी कहते हैं।




