KHABARWAAD NATIONAL DESK. आपकी भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है, लेकिन यह सच है!कि भारत कोगाय गोबर और गौ मूत्र में तक सीमित किया जा रहा है। एक ओर जहां भारत में चमत्कार और पाखंड का क्रेज बढ़ रहा वही दुनिया चमत्कार को दूर से नमस्कार करते हुए विज्ञान के क्षेत्र में बड़े कीर्तिमान रच रही है।यह जानकार आपको हैरानी होगी की आने वाले दिनों में इंसान जैसे रोबोट आपके बीच में होगा ।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट ऑप्टिमस के बारे में नए अपडेट साझा किए हैं। मस्क ने ऑप्टिमस के बाजार में प्रवेश के बारे में जानकारी दी। अगले साल के अंत तक रजिस्ट्रेशन होगा मस्क ने कहा कि ऑप्टिमस (ह्यूमनॉइड रोबोट) को अगले साल के अंत तक या 2025 तक व्यावसायिक रूप से लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। मस्क का मानना है कि उनकी कंपनी इस क्षेत्र में बेहतर काम कर सकती है। यह ज्ञात है कि टेस्ला सितंबर 2022 में पहली पीढ़ी के ऑप्टिमस, उपनाम बम्बलबी, को लॉन्च करेगी।

यह इंसानों की तरह सामान्य कार्य कर सकता है इस साल कंपनी ने दूसरी पीढ़ी के ऑप्टिमस के बारे में एक वीडियो जारी किया। यह सिद्ध हो चुका है कि ऑप्टिमस मनुष्य की तरह व्यवहार करता है। इन रोबोटों को विशेष रूप से विशेष बलों की कमी के समाधान के रूप में देखा जाता है। रोबोट लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई उद्योगों में ऐसे दोहराए जाने वाले कार्य करने में सक्षम होंगे। हालाँकि, सुरक्षा, लागत और उपलब्धता रोबोट के लिए चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इसके अलावा, वास्तविक दुनिया के वातावरण में कुछ कठिन कार्य करने के लिए रोबोट प्राप्त करना कठिन हो जाता है।
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ह्यूमनॉइड रोबोट की दौड़ में टेस्ला कितनी अच्छी है? यह स्पष्ट है कि टेस्ला ह्यूमनॉइड रोबोट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा से एक कदम आगे रहना चाहता है। होंडा और हुंडई बोस्टन डायनेमिक्स बाजार में विश्वसनीय खिलाड़ी हैं। कंपनी वर्षों से ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित कर रही है। इसके अतिरिक्त, जब माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया के स्टार्टअप के समर्थन की बात आती है तो कंपनी ने हाल ही में ह्यूमनॉइड रोबोट पेश करने के लिए बीएमडब्ल्यू के साथ साझेदारी की है। इस अनुभाग में आप इस कंपनी की फ़िगर 01 कॉफ़ी बनाने के बारे में एक वीडियो भी देख सकते हैं।
भारत किसी से कम नहीं..
दुनिया भी जानती है भारत किसी से कम नहीं है । लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि भारतीय राजनीती भारत की दिशा तय करती है, फ़िलहाल भारत की राजनीती में केवल गाय गोबर और गौ मूत्र की चर्चा है इसलिए आम लोग इससे परे सोचे यह कैसे सम्भव है । यह भारतियों के लिए चिंतनीय विषय है ।




