खेल। 30 मई 2024
वेस्ट इंडीज गई भारतीय क्रिकेट टीम के दौरे में गए हेड कोच राहुल द्रविड़ का सफर खत्म होना तय है, ये भी तय है कि राहुल द्रविड़ आवदेन भी नही करेंगे, जैसा बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बताया था कि राहुल द्रविड़ चाहते भी है तो नियम से उन्हें आवेदन प्रक्रिया से गुजरना होगा। राहुल द्रविड़ ये भी जानते होंगे कि आवदेन करने के बाद भी उन्हें हेड कोच नही बनाया जायेगा।
27 मई 2024 को आवेदन करने का समय खत्म हो चुका है। अधिकृत रूप से 30 टेस्ट और 50 वनडे मैच खेलने वाले ही भारतीय टीम के हेड कोच बनने की पात्रता रखते है। वर्तमान में गौतम गंभीर का नाम सबसे ऊपर है लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 314 टेस्ट और 255 वनडे खेल चुके खिलाड़ियों में से जीवित खिलाड़ियों में दिलीप वेंसरकर, रवि शास्त्री, के श्रीकांत, कपिल देव, किरण मोरे, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ सहित जो खेल रहे है या सन्यास नही लिए है उन्हे छोड़ दिया जाए तो 21 टेस्ट खिलाड़ी और 17 वनडे खिलाड़ी ऐसे बचते है जो बीसीसीआई के निर्धारित मापदंड को पूरा करते है।
अगर बीसीसीआई खिलाड़ियों के टेस्ट, वनडे का सम्मिलित रिकार्ड देखे और सफलता को भी मापदंड बनाए तो सचिन तेंडुलकर सबसे पहले क्रम में आते है।सचिन भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे है। उनके पास 200टेस्ट और 463 वनडे खेलने का अनुभव है। सचिन के बाद एम.एस.धोनी अकेले ऐसे खिलाड़ी है जिनके पास कप्तानी, के साथ साथ टेस्ट मैच में नंबर वन, वनडे और टी-20 की चैंपियनशिप का ताज है। गौतम गंभीर सभी फार्मेट से बाहर होकर केकेआर के हेड कोच के पद पर है।
गौतम गंभीर को हेड कोच बनाए जाने के तीन कारण हो सकते है। पहला वे अपेक्षित अनुभव रखते है याने 58 टेस्ट और 147वनडे का अनुभव है। दूसरा वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य है। पिछले पांच साल दिल्ली के सांसद भी रहे है। ये सबसे बड़ी अर्हता है।वैसे भी कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल ट्रॉफी जिताने के बदले कुछ पाने के हकदार गौतम गंभीर है तो।




