Balodabazar Voilance Latest Update : देश के आजादी के बाद हुई बड़ी हिंसाओं में से एक बलौदाबाजार हिंसा में पुलिस ने न्यायालय में 185 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है। यह हिंसा 10 जून 2024 को सतनामी समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने दशहरा मैदान से रैली निकालते हुए आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया।
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चालान में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, यादव प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे और उन्होंने आंदोलनकारियों को उकसाने का प्रयास किया। उनके खिलाफ यह आरोप भी है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पैसे और समर्थन का आश्वासन दिया था। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में वीडियो क्लिप, फोटो, मेमोरी कार्ड और मोबाइल कोर्ट में पेश किए हैं।
2 करोड़ से अधिक संपत्ति का नुकसान
प्रदर्शन के दौरान 134 मोटरसाइकिल, 29 चार पहिया वाहन और एक फायर ब्रिगेड को क्षतिग्रस्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नगर में रैली की, जिसकी अनुमति नहीं थी। यह प्रदर्शन 15-16 मई को जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के विरोध में आयोजित किया गया था।
23 मई को तैयार की गई थी योजना
पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसा की योजना 23 मई को मड़वा सम्मेलन में बनाई गई थी। इसमें प्रमुख भूमिका किशोर नवरंगे, दिनेश चतुर्वेदी और राजकुमार सतनामी की रही। इनके साथ अन्य आरोपियों ने लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाया।
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न्यायालय में जारी है सुनवाई
इस मामले में 90 से अधिक गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है। पुलिस ने अपने चालान में कहा कि उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए साक्ष्य एकत्र किए हैं। कुछ दस्तावेजों को न्यायालय में पेश करने की अनुमति भी मांगी गई है।
बलौदाबाजार हिंसा के इस मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर कोर्ट में ट्रायल जारी है। वहीं, कई आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की है।




