बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर जनपद में PDS घोटाला मामले में 5 लोगों को दोषी ठहराया गया है। जिनके खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसमें जनपद उपाध्यक्ष की पवन जायसवाल की पत्नी सीमा जायसवाल भी शामिल है।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले चावल में बड़ा घोटाला किया हैं। हितग्राहियों से जबरन अंगूठा लगाकर उनके हिस्से के चावल को डकार लिया। मामला प्रकाश में आने के बाद से ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरगुजा संभाग कमिश्नर के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप हैं कि पीडीएस के चावल में हेराफेरी का खेल सालों से चल आ रहा था। जिसकी शिकायत कई बार खाद्य विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सरगुजा कमिश्नर से की। तब जाकर मामले में जांच के लिए टीम का गठन किया गया। जांच में साफ हुआ कि
सचिव सीमा जायसवाल ने पूर्व सरपंच जगमति, सरपंच पति जीतलाल, सहायक विक्रेता संतोष पण्डो और तौलकर्मी कन्हैया लाल के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से राशन घोटाला किया।
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सबसे हैरानी की बात यह है कि सीमा जायसवाल इससे पहले भी एक गबन के मामले में जेल जा चुकी हैं, बावजूद इसके वह आज भी पंचायत सचिव के पद पर बनी हुई थीं। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उनके हिस्से का चावल अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दबा लिया जा रहा था। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अंततः जब शिकायतें सरगुजा कमिश्नर तक पहुंचीं, तो उच्च स्तरीय जांच शुरू हुई और सच्चाई सामने आई। इस खुलासे के बाद ग्राम पंचायत बेबदी और आस-पास के गांवों में गुस्सा भड़क गया है। लोगों की मांग है कि सभी दोषियों को तुरंत बर्खास्त कर सख्त सजा दी जाए।




