बिलासपुर। समर वेकेशन के चलते ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों से धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग से छपरा जा रही सारनाथ एक्सप्रेस में एक फर्जी टिकट परीक्षक (TTE) यात्रियों से बर्थ दिलाने के नाम पर पैसे वसूलता हुआ पकड़ा गया। घटना शनिवार रात की है, जब ट्रेन पेंड्रारोड स्टेशन के पास थी।
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जानकारी के अनुसार, उसलापुर स्टेशन से रवाना होने के बाद ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था के तहत RPF की पेट्रोलिंग टीम कोचों की जांच कर रही थी। इस दौरान एक व्यक्ति TTE की वर्दी जैसा कपड़ा पहनकर स्लीपर कोच में यात्रियों को बर्थ बांट रहा था और बदले में अवैध रूप से पैसे वसूल रहा था। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर RPF ने उसे रोका और पूछताछ शुरू की।
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संदेह के आधार पर उसे ट्रेन में तैनात असली TTE रवि कुमार शर्मा के पास ले जाया गया। जब उनसे उसकी पहचान करवाई गई, तो रवि शर्मा ने साफ कर दिया कि यह व्यक्ति रेलवे का कर्मचारी नहीं है और पूरी तरह से फर्जी TTE है। इसके बाद RPF ने उस फर्जी कर्मचारी को पेंड्रारोड स्टेशन पर उतारकर GRP को सौंप दिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम हामिद हुसैन (36), निवासी जलेबी चौक, भिलाई पावर हाउस बताया। उसने कबूल किया कि वह TTE बनकर यात्रियों से पैसे वसूल रहा था।
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GRP ने हामिद हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी बनकर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में केस दर्ज किया है। रविवार को उसे बिलासपुर लाया गया, जहां कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी दिखाता है कि ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर कैसे कुछ लोग अवैध रूप से फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।




