दुर्ग। जिले के नेवई थाना क्षेत्र में एक महिला को सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करने का झांसा देकर करीब 55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता नम्रता चंद्राकर ने शिकायत की है कि पिछले एक महीने से अज्ञात आरोपी ने उन्हें इस ठगी का शिकार बनाया है।
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पीड़िता के पिता के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। आरोपी ने बताया कि पिता का बैंक खाता मुंबई के नरेश गोयल के नाम से जुड़ा है, जिसमें 2 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। आरोपी ने नरेश गोयल की आवाज भी सुनाई और बताया कि 5 लाख रुपये में उनका खाता खरीदा गया है।
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डर के कारण महिला ने 29 अप्रैल से 29 मई के बीच आरटीजीएस के माध्यम से लगभग 54 लाख 90 हजार रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोपी ने लगातार डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर पैसे की मांग की।
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पीड़िता को शक होने पर उसने नेवई पुलिस को शिकायत की। पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।




