उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में फर्जी वीआईपी दर्शन के मामले में पुलिस ने 25 वर्षीय युवक अजय बैरागी को गिरफ्तार किया है। मंदिर की सुरक्षा टीम ने अजय बैरागी को सात श्रद्धालुओं के साथ संदिग्ध हालत में पकड़ा, जो प्रति व्यक्ति 1100 रुपये लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन कराने का प्रयास कर रहा था।
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मंदिर सुरक्षा अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया। जांच में पाया गया कि दर्शन के लिए उपयोग किए जा रहे टिकटों पर दर्ज नाम और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के नाम में अंतर था। इस प्रकार की धोखाधड़ी से मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं को भारी नुकसान हो रहा था। महाकाल मंदिर सुरक्षा ओएसडी जयंत राठौर ने बताया कि इस समूह में चार श्रद्धालु मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से और दो दिल्ली से आए थे। मामले की सूचना मिलने पर मंदिर समिति ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस इस फर्जी वीआईपी दर्शन नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने में लगी है कि इस कांड में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी भी की जा रही है।




