इंदौर। एमपी के इंदौर की सोनम रघुवंशी, जिसने महज 28 दिन पहले सात फेरे लिए थे, अब अपने ही पति की हत्या की आरोपी बन चुकी है। 11 मई को सोनम और राजा रघुवंशी की शादी हुई थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए शिलांग रवाना हुए थे। लेकिन 2 जून को राजा की लाश एक गहरी खाई में मिली और सोनम लापता थी।
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17 दिन बाद इस सनसनीखेज केस में बड़ा खुलासा हुआ। सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से जिंदा मिली और हिरासत में ली गई। पूछताछ में सामने आया कि सोनम का पहले से एक युवक से प्रेम प्रसंग था। उसी के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची गई। राजा को प्रेमजाल में फंसाकर शिलांग ले जाया गया और सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई।
22 मई को कपल शिलांग के शिपारा होमस्टे में रुका था। 23 मई को चेकआउट करने के बाद से दोनों के मोबाइल बंद हो गए। 24 मई को कपल की स्कूटी लावारिस मिली, और 2 जून को राजा की लाश वेईसावडॉन्ग झरने के पास मिली। पहचान उसके हाथ पर बने टैटू से हुई।
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9 जून की सुबह सोनम ने गाजीपुर के एक ढाबे से भाई को वीडियो कॉल किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा। मेडिकल जांच में किसी तरह की चोट नहीं मिली। पूछताछ में पता चला कि राजा की हत्या में चार लोग शामिल थे—तीन को इंदौर से और एक को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। मेघालय के डीजीपी एल. नोंग्रांग ने पुष्टि की है कि सोनम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो कॉल ने हत्या की योजना की पुष्टि की है।
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राजा की मां उमा देवी से आखिरी कॉल में सोनम ने कहा था, “मां ये जंगलों में घुमा रहे हैं…” जो अब एक झूठी कहानी निकली। सोनम की मां संगीता ने कहा, “बेटी मिल गई, पर अब सच सामने आना बाकी है। ये भी दुख है, वो भी दुख है।” इंदौर और शिलांग पुलिस अब गाजीपुर में संयुक्त पूछताछ कर रही है।




