मैहर। मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर तहसील के भोगम पपरा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूली बच्चों को पढ़ाई की जगह मिड डे मील का खाना बनाते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है कि छात्राएं चावल साफ कर रही हैं, प्याज और लहसुन काट रही हैं तथा स्कूल की रसोई में भोजन तैयार कर रही हैं। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में वे हाथ में चावल और सब्जियां लिए नजर आ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल स्टाफ बच्चों से जबरन यह काम करवाते हैं। उनसे मिड डे मील के लिए चावल साफ कराना, सब्जियां काटवाना और यहां तक कि बर्तन साफ करवाना आम बात बन गई है।
इस पूरे मामले पर अमरपाटन विकासखंड के बीईओ (विकासखंड शिक्षा अधिकारी) प्रणेश त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। इसमें छात्राएं खाना बनाते हुए नजर आ रही हैं। स्कूल प्राचार्य से इस संबंध में बात की गई है और जनशिक्षक को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
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फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन यह वीडियो यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर बच्चों के अधिकारों और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार कितने गंभीर हैं।




