नई दिल्ली
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर वर्तमान में चार दिवसीय दौरे पर अमेरिका में हैं। इस दौरान उन्होंने बुधवार को क्वाड (क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग) सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार रखे।
क्वाड सम्मेलन में अपनी भागीदारी के दौरान जयशंकर ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस हमले को आतंकवाद की एक और कड़ी और पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का उदाहरण बताया। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने मध्य पूर्व में ईरान और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष पर भी भारत का स्पष्ट रुख़ बताया और कहा कि इस मुद्दे पर भारत ने अमेरिका के साथ विचार-विमर्श किया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का अमेरिका दौरा: क्वाड सम्मेलन में अहम बयान
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि क्वाड देशों ने खनिजों के खनन और खोज के लिए एक नई पहल शुरू की है। यह पहल उन खनिजों की खोज पर केंद्रित होगी, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही, समुद्रों में जहाजों की निगरानी में इजाफा करने के लिए एक नई मिशन की शुरुआत की जाएगी। यह समुद्र में हो रहे परिवहन और समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जयशंकर ने बताया कि क्वाड देशों ने समुद्र के नीचे केबल कनेक्टिविटी को बेहतर करने का भी निर्णय लिया है, ताकि इंटरनेट और संचार सुविधाओं में सुधार किया जा सके। इससे न केवल देशों के बीच बेहतर संवाद होगा, बल्कि डिजिटल क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा।
विदेश मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले आठ वर्षों में क्वाड को और मजबूत किया गया है और अब यह एक प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठन बन चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस वर्ष के अंत में भारत में क्वाड देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो सकती है, जो इस संगठन के भविष्य को लेकर नए दिशा-निर्देश तय करेगी।
इस प्रकार, डॉ. एस जयशंकर का अमेरिकी दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के वैश्विक कूटनीतिक रुख को भी स्पष्ट करता है।




