रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है और पहले दिन की तरह आज भी सदन में जोरदार हंगामे की संभावना है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के विभागों से जुड़े कई सवाल आज सदन में उठाए जाएंगे। साथ ही चार ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
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आज का दिन हंगामेदार रहने की संभावना इसलिए भी है क्योंकि कई विधायक राज्य की गंभीर समस्याओं को सदन में उठाने जा रहे हैं। विधायक राजेश अग्रवाले राज्य में एंबुलेंस की कमी का मुद्दा उठाएंगे। वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत रेडी टू ईट योजना को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। विधायक शेषराज हरवंश अवैध शिकार के मामलों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करेंगी।
इसके अलावा, विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और भावना बोहरा राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को उठाएंगे, जो कि एक संवेदनशील और बहस योग्य विषय है। इन सभी विषयों को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाएगा, जिससे सदन का माहौल गर्मा सकता है।
सत्र के दौरान चार याचिकाएं भी पेश की जाएंगी, जिन्हें विधायक लखेश्वर बघेल, भावना बोहरा, ललित चंद्राकर और सावित्री मंडावी सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इन याचिकाओं के माध्यम से क्षेत्रीय और सामाजिक समस्याओं पर सरकार का ध्यान खींचा जाएगा।
सत्र के दौरान एक खास क्षण भी देखने को मिलेगा जब ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने के लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा। यह प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप द्वारा सदन में रखा जाएगा।
कुल मिलाकर आज का दिन सदन के भीतर राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।




