बिलासपुर। जिले में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को अब एक और झटका लगा है। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतों के बाद कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम सक्रिय हो गई है। रविवार को टीम ने मस्तूरी ब्लॉक के जयरामनगर क्षेत्र में स्थित तीन निजी कृषि दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान भंडारण से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों को नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक दुकान की खाद बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जांच में पाया गया कि पटेल कृषि केंद्र और अजय ट्रेडर्स में उर्वरक भंडारण की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी और नियमित रिपोर्टिंग भी नहीं की जा रही थी। वहीं, जगन्नाथ कृषि केंद्र में एक्सपायर कीटनाशक के भंडारण और लाइसेंस में आवश्यक प्रमाणपत्र न होने की वजह से उस पर 21 दिनों तक खाद की बिक्री पर रोक लगाते हुए दुकान को सील कर दिया गया।
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किसानों को नहीं मिल रही खाद, भटकने को मजबूर
मानसून सीजन में खेती के लिए खाद और ऋण अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन बिलासपुर जिले में किसान खाद के लिए समितियों और दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं कि न उन्हें खाद मिल रहा है और न ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की मंजूरी।
प्रशासन का दावा – नहीं है खाद की कमी
वहीं, जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हाथेश्वर के अनुसार, खरीफ सीजन 2025 के लिए 21,986 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 92.77 प्रतिशत बीज वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही अब तक 28,263 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है, जिसमें से 22,397 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है।
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प्राइवेट दुकानों में खप रहा सोसाइटी का खाद?
किसानों को खाद नहीं मिलने के बावजूद जिले में खाद के भंडारण और वितरण के सरकारी आंकड़े संतोषजनक दिखाए जा रहे हैं। इससे आशंका गहराती जा रही है कि सहकारी समितियों से मिलने वाला खाद प्राइवेट दुकानों के जरिए जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग में खपाया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
किसानों की लगातार हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कृषि विभाग की टीम ने जयरामनगर समेत जिले के कई अन्य स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।




