नई दिल्ली। श्रावण मास का प्रत्येक पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है और इन्हीं में से एक है हरियाली अमावस्या, जिसे श्रावण अमावस्या या सावन अमावस्या भी कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव की आराधना, पितृ तर्पण और पारिवारिक सुख-शांति के लिए बेहद खास माना जाता है।
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हरियाली अमावस्या 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार, हरियाली अमावस्या की तिथि 24 जुलाई 2025 की रात 2:28 बजे से शुरू होकर 25 जुलाई को दोपहर 12:40 बजे तक रहेगी।
उदयातिथि के अनुसार, हरियाली अमावस्या 24 जुलाई 2025 (कल) को मनाई जाएगी।
हरियाली अमावस्या पर क्या करें?
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- पितरों के लिए तर्पण करें।
- भगवान शिव को जल, बेलपत्र, सफेद फूल, और धतूरा अर्पित करें।
- ब्राह्मणों को भोजन कराना और दान देना शुभ माना गया है।
- घर में पेड़-पौधे लगाना भी इस दिन पुण्यदायी होता है।
हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व
हरियाली अमावस्या का संबंध प्रकृति, पितृ तर्पण और शिव भक्ति से है। यह तिथि आध्यात्मिक उन्नति, पितृ शांति और पारिवारिक सुख-शांति के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजन करता है, उसके पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और जीवन में समृद्धि आती है।
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हरियाली अमावस्या का संदेश
इस पर्व का एक प्रमुख उद्देश्य प्रकृति संरक्षण और आत्मिक शुद्धि है। श्रावण के इस हरित उत्सव में जब आप शिव की आराधना करें, तो साथ ही प्रकृति को भी धन्यवाद देना न भूलें।




