कांकेर। जिले के जामगांव में धर्मांतरण और शव दफनाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक धर्मांतरित ग्रामीण की मौत के बाद उनके शव को गांव की जमीन पर दफनाए जाने से दो दिनों से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। शनिवार को आक्रोशित भीड़ ने जामगांव स्थित चर्च में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप – गांव की जमीन पर जबरन शव दफनाया गया
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ईसाई समुदाय द्वारा गांव की जमीन पर जबरन शव को दफनाया गया, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि बिना अनुमति के और गांव की परंपरा के खिलाफ यह दफन क्रिया की गई। इससे नाराज होकर जामगांव और आसपास के गांवों के लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और चर्च में घुसकर तोड़फोड़ की।
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शव को बाहर निकालने की मांग
मृतक सोमलाल राठौर के भाई ने कहा कि, हमारे गांव की परंपरा को तोड़ते हुए शव को चुपचाप दफना दिया गया। हमें सूचित भी नहीं किया गया। हमारी मांग है कि शव को बाहर निकाला जाए ताकि हम रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर सकें।”
वहीं गोटियावाही के सरपंच राजेंद्र मरकाम ने कहा कि इस मामले ने लोगों की भावनाएं आहत की हैं, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए।
सरपंच और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जामगांव की सरपंच भगवती उईके ने कहा कि, गांव की स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि समय रहते उचित निर्णय लिया जाए।




