बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत कार्यालय में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखापाल ने आपसी मिलीभगत से 83 कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) की करीब 12 लाख रुपये की राशि का गबन कर लिया। मामले की शिकायत जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) निजामुद्दीन खान ने पुलिस में दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, लेखापाल ने कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ मिलकर कर्मचारियों की PF राशि उनके खातों में जमा करने के बजाय, वह रकम कंप्यूटर ऑपरेटर की पत्नी के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। आरोपियों ने इस फर्जीवाड़े को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया और महीनों तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।
जैसे ही मामला सामने आया, वाड्रफनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई रकम का उपयोग ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे प्लेटफॉर्म्स में निवेश करने के लिए किया गया।
फिलहाल, पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में कोई और कर्मचारी या अधिकारी तो शामिल नहीं है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




