बीजापुर। भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र के चिल्लामरका जंगल में सोमवार सुबह नक्सलियों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के बहादुर जवान दिनेश नाग शहीद हो गए। शहादत के बाद बीजापुर स्थित शहीद वाटिका रक्षित केंद्र में उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम संजयपारा पहुंचा, जहां शहीद की एक झलक पाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
गांव में परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर कोई आंसुओं और श्रद्धा के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचा। अंतिम संस्कार से पहले दिनेश नाग के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और पूरे सम्मान के साथ तिरंगा उनकी पत्नी को सौंपा गया। इस भावुक क्षण में शव देखते ही पत्नी फफक पड़ीं लेकिन गर्व से बोलीं – मेरे पति देश के लिए शहीद हुए हैं, मुझे उन पर गर्व है।
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घात लगाकर किया गया हमला
मिली जानकरी के मुताबिक, रविवार रात पुलिस को चिल्लामरका जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद DRG की टीम एंटी-नक्सल अभियान के लिए रवाना हुई। सोमवार तड़के लगभग 4 बजे जवान जैसे ही सर्चिंग पर थे, तभी घात लगाए बैठे नक्सलियों ने बारूदी सुरंग (IED) विस्फोट कर दिया। धमाका इतना भीषण था कि दिनेश नाग के दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हमले में अन्य तीन जवान भी घायल हुए हैं।
2016 से कर रहे थे बस्तर की सेवा
शहीद दिनेश नाग ने वर्ष 2016-17 में DRG में भर्ती होकर बस्तर में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। बीजापुर के संजयपारा निवासी दिनेश नाग हमेशा नक्सल मोर्चे पर डटे रहे और हर अभियान में अपनी बहादुरी का परिचय दिया। उनके परिवार में पत्नी पूजा नाग और 7 वर्षीय बेटा प्रियांश नाग हैं, जो दूसरी कक्षा में पढ़ता है। पत्नी वर्तमान में पाँच माह की गर्भवती हैं। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है।
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गांव और जिले में शोक की लहर
दिनेश नाग की शहादत से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव और जिला गमगीन है। हर कोई उनकी वीरता और बलिदान को नमन कर रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि दिनेश नाग ने अपने प्राणों की आहुति देकर यह साबित कर दिया कि बस्तर का हर जवान देश और समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित है।




