दंतेवाड़ा। आदिवासी विकास विभाग में डीएमएफ (जिला खनिज निधि) मद से हुए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद अब बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग के दो पूर्व सहायक आयुक्त डॉ. आनंदजी सिंह और के.एस. मसराम सहित क्लर्क संजय कोडोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एएसपी बर्मन ने पुष्टि की है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह प्रकरण बीएनएस की धाराएं 318, 337, 340 और 3 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
जांच में क्या निकला सामने
कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 के बीच डीएमएफ मद से कराए गए विकास कार्यों में निविदा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां पाई गईं। आरोप है कि क्लर्क संजय कोडोपी ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर निविदाओं को निपटाया और कार्य मनचाहे ठेकेदारों को दिलाए। फिलहाल कोडोपी निलंबित है।
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करोड़ों का खेल
अब तक सामने आए तथ्यों में करीब 10 करोड़ रुपये के कार्यों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चहेते ठेकेदारों को दिए जाने की बात सामने आई है।
विवादों में रहे हैं आनंदजी सिंह
गौरतलब है कि डॉ. आनंदजी सिंह पर पूर्व में गीदम थाने में दुष्कर्म का मामला भी दर्ज हो चुका है। अब उन पर डीएमएफ घोटाले में भी आरोप तय हुए हैं।




