रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और अर्थशास्त्री अमित चिमनानी गुड सर्विस टैक्स (GST) में हुए बदलाव को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया है। इसमें उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी सुधारों से आम आदमी की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएंगे। नए प्रावधानों से प्रत्येक परिवार को सालाना औसतन 40–45 हजार रुपये की बचत होगी और देश में खपत में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि की संभावना है।
चिमनानी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि घर बनाना और घर चलाना अब सस्ता होगा। इसके पीछे मुख्य कारण सीमेंट, टीवी, एसी, रेफ्रिजरेटर और सजावट जैसी वस्तुओं पर टैक्स दरों में कमी है। सीमेंट पर 10 प्रतिशत की कटौती से घर बनाने की लागत में लगभग 2 प्रतिशत की कमी आएगी। घर में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामानों पर टैक्स में कमी के कारण कुल लागत में 5–10 प्रतिशत तक की राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि अब जीएसटी केवल दो दरों में होगा। इससे लिटिगेशन के मामलों में कमी आएगी। पूर्व में चार दरें होने के कारण कई वस्तुओं पर विवाद लंबित रहते थे।
श्री चिमनानी ने कहा कि हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल खुलने से विवादों पर खर्च और समय दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, जीएसटी रजिस्ट्रेशन केवल 3 दिन में मिलेगा, जिससे व्यापार में आसानी होगी।
जीएसटी सुधारों के बाद देश में खपत में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना है। रिफंड प्रक्रिया अब केवल 7 दिनों में पूरी होगी, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में तेजी आएगी।
कृषि क्षेत्र में राहत दी गई है। ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और कृषि मशीनरी पर जीएसटी दरों में कटौती की गई है। इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर 10 प्रतिशत की कमी से 50 हजार रुपये मूल्य के सामान पर 5 हजार रुपये की बचत होगी। 12 लाख रुपये मूल्य की CNG कार पर 1 लाख 20 हजार रुपये की बचत और 20 हजार रुपये बीमा पर लगभग 4 हजार रुपये की बचत होगी।
चिमनानी ने कहा, “औसतन एक परिवार यदि वर्ष में 3 लाख 50 हजार रुपये खर्च करता है तो नए जीएसटी प्रावधानों से उसे 40–45 हजार रुपये की बचत होगी। इससे घर बनाना और चलाना दोनों सस्ता होगा और आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार आएगा।”
मुख्य बदलाव और उनके असर:
| पहलू | पूर्व नियम | नया नियम | असर और टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| टैक्स दरें | 4 अलग-अलग दरें | केवल 2 दरें | विवाद कम होंगे और व्यापार सुचारू होगा। अब यह “सिंपल” टैक्स कहलाता है। |
| घर बनाने की लागत | उच्च टैक्स, महंगा | सीमेंट पर 10% कटौती; टीवी, एसी, रेफ्रिजरेटर और सजावट पर भी टैक्स कम | घर बनाने की लागत में 5–10% तक की राहत। घर सस्ता, सपनों का घर थोड़ा करीब। |
| लिटिगेशन | लंबे विवाद, कई स्तरों पर लंबित | कम लिटिगेशन | व्यापारी और ग्राहक दोनों कम परेशान होंगे। |
| ट्रिब्यूनल | कुछ प्रदेशों में ही | हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल | खर्च और समय दोनों बचेंगे। |
| रजिस्ट्रेशन | लंबी प्रक्रिया | 3 दिन में जीएसटी नंबर | व्यापार में आसानी और अर्जेंट जरूरतों के लिए राहत। |
| रिफंड | लंबी प्रक्रिया, एक्सपोर्ट में देरी | 7 दिनों में | एक्सपोर्ट सेक्टर में तेजी और स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि क्षेत्र में राहत। |
| बचत | सीमित | 40–45 हजार प्रति परिवार | औसत की बचत हर घर में खुशियों का झलक। (लेकिन “औसत” ध्यान रखें!) |
विशेष प्रावधान:
- कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और कृषि मशीनरी पर टैक्स कटौती।
- इलेक्ट्रॉनिक सामान 10% सस्ते; 50 हजार रु. मूल्य के सामान पर 5 हजार की बचत।
- 12 लाख की CNG कार पर 1 लाख 20 हजार रु., 20 हजार रुपये बीमा पर 4 हजार रु. की बचत।
चिमनानी ने कहा, “घर बनाना और घर चलाना अब दोनों सस्ते हो जाएंगे। नए प्रावधान आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार और देश की आर्थिक मजबूती लाएंगे।”
संपादकीय नजर
दोस्तों, अब घर बनाना और चलाना सस्ता है, लेकिन याद रखें – बचत “औसत” में है। मतलब आपकी वास्तविक बचत बैंक में उतनी चमकदार नहीं हो सकती जितनी प्रेस विज्ञप्ति बताती है। और दो टैक्स दरें सिंपल हैं, लेकिन सपनों के घर में अभी भी कई “कॉर्नर केस” बच सकते हैं।




