रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ‘बिग बास ग्रुप’ नामक एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इसमें बड़े अधिकारी, कारोबारी, नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल तथा उनके करीबी मित्र शामिल थे।
ईडी का कहना है कि यह नेटवर्क शराब, कोयला और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से अरबों रुपये की कमाई करता था और अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचता था। चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से पता चला कि गैंग फिल्मी स्क्रिप्ट और मनगढ़ंत कहानियों के सहारे अफसरों की छवि को खराब करने में लगा था। विशेष रूप से एक विवादित आईपीएस अधिकारी की ‘कल्पनाओं पर आधारित डायरी’ का इस्तेमाल कर ईमानदार अधिकारियों को दबाव में लाया गया, जिससे कई अधिकारी मानसिक रूप से प्रभावित हुए।
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सिंडिकेट में शामिल प्रमुख लोग
ईडी ने इस गिरोह में रिटायर्ड आइएएस अनिल टूटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, होटल कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व मंत्री कावासी लखमा सहित कई कारोबारी और डिस्टिलरी मालिकों के नाम शामिल किए हैं। आरोप है कि यह गठजोड़ करोड़ों की वसूली और अवैध कारोबार संचालित करता था।
चैट्स से खुला राज
शराब घोटाले में गिरफ्तार अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। अनवर के मोबाइल में चैतन्य बघेल का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था, जिसमें पैसों की डीलिंग और नकली होलोग्राम बनाने जैसी चर्चाएँ सामने आईं।
ईडी के अनुसार, ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे प्रमुख सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप के जरिए शराब घोटाले की योजना, मनी लाड्रिंग और रकम के वितरण की सूचनाएं साझा की जाती थीं।
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1000 करोड़ का कैश मैनेज:
भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने ईडी को बताया कि उसने चैतन्य बघेल के साथ मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश मैनेज किया। यह राशि अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा होते हुए कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई गई। बंसल ने स्वीकार किया कि उसे तीन महीनों में 136 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
ईडी मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत को पूरी तरह हिला दिया है।




