रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के सत्यापन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसी के तहत रायपुर जिले में एग्री-स्टैक डिजिटल क्रॉप सर्वे/भुईंया सॉफ्टवेयर में दर्ज फसल प्रविष्टियों का 5 प्रतिशत, यानी कुल 53 हजार खसरों का रैंडम सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा।
यह कार्य तीन स्तरों पर किया जाएगा, और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सत्यापन प्रक्रिया समयबद्ध और गुणवत्ता सुनिश्चित तरीके से पूरी की जाए।
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अपर कलेक्टर की निगरानी में प्रशिक्षण कार्यक्रम
रायपुर जिले में अपर कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के पटवारी, आर.आई., ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिवों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के मोबाइल ऐप के संचालन, डेटा प्रविष्टि और सत्यापन प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
अपर कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चयनित खसरों का सत्यापन निर्धारित समय में पूरा किया जाए। प्रथम चरण में कलेक्टर द्वारा नामित राजस्व और कृषि विभाग के फील्ड अधिकारी इन खसरों की जांच करेंगे। किसी भी प्रविष्टि में गलती पाए जाने पर इसे भौतिक सत्यापन के आधार पर 31 अक्टूबर 2025 तक सुधारना अनिवार्य होगा।
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सत्यापन की समय-सीमा और गुणवत्ता पर जोर
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि जिले में कुल 53 हजार खसरों का सत्यापन किया जाएगा, और इसके लिए समय-सीमा 15 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि कार्य को समय पर पूरा किया जाए और सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल ऐप के माध्यम से वास्तविक फसल प्रविष्टियों का परीक्षण भी किया। यह पहल डिजिटल क्रॉप सर्वे की सटीकता बढ़ाने और किसानों के डेटा को विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिले में कृषि डेटा का डिजिटलीकरण और समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने में यह कार्य अहम साबित होगा।




