रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी सम्मेलन का दूसरा दिन शुरू हुआ। बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आपराधिक मामलों की स्थिति, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और जिलों के प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में जांच में लापरवाही न हो और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चालान प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में पुलिस और प्रशासन दोनों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
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साइबर अपराधों पर विशेष फोकस
बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराधों के तरीके दिन-प्रतिदिन बदल रहे हैं, इसलिए आम लोगों को इनसे बचाव की जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को सतर्क किया जा सके।
सीएम ने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे पीड़ित व्यक्ति तुरंत मदद ले सकें। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में राज्य के रेंज स्तर पर 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, और शीघ्र ही 9 नए साइबर थानों का संचालन शुरू किया जाएगा।
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बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित सभी रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने, नागरिक सुरक्षा बढ़ाने और अपराध नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा “सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त छत्तीसगढ़” बनाने की है, जिसके लिए हर जिले को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।




