स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच गुजारा भत्ता को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हसीन जहां को फटकार लगाते हुए पूछा क्या 4 लाख रुपए की रकम पर्याप्त नहीं है?
दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने जुलाई 2025 में आदेश दिया था कि मोहम्मद शमी हर महीने 4 लाख रुपए का गुजारा भत्ता देंगे जिसमें 2.5 लाख रुपए बेटी आयरा और 1.5 लाख रुपए पत्नी हसीन जहां के लिए होंगे। यह राशि पिछले सात साल से लागू मानी जाएगी।
इस आदेश के खिलाफ हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, यह कहते हुए कि 4 लाख रुपए की राशि अपर्याप्त है और शमी की आमदनी को देखते हुए उन्हें 10 लाख रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। अदालत ने इस पर पश्चिम बंगाल सरकार और मोहम्मद शमी को चार हफ्ते में जवाब देने का नोटिस जारी किया है।




