मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम में अब भगवद गीता का पाठ भी शामिल करने का निर्णय लिया है। राज्य के आठों पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षण ले रहे नए आरक्षकों को गीता पाठ के माध्यम से ‘नेक, अनुशासित और आदर्श जीवन’ जीने की प्रेरणा दी जाएगी।
इस संबंध में आदेश एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह ने 3 नवंबर को जारी किया है। वर्तमान में प्रदेश के इन प्रशिक्षण संस्थानों में करीब 4,000 युवक और युवतियां नौ महीने की कांस्टेबल ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं।
ADG सिंह ने आदेश में कहा है कि, भगवद गीता हमारा शाश्वत ग्रंथ है। इसका नियमित पाठ निश्चित रूप से हमारे ट्रेनीज को एक नेक जीवन जीने में मार्गदर्शन करेगा और उनके व्यक्तित्व को निखारेगा।
Read Also- भोपाल को मिलेगा नया खेल परिसर, मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे लोकार्पण
इससे पहले जुलाई में ट्रेनिंग सेशन की शुरुआत के दौरान भी ADG सिंह ने रामचरितमानस पाठ आयोजित कराने के निर्देश दिए थे। उनका मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक ग्रंथों के अध्ययन से रंगरूटों में अनुशासन, नैतिकता और चरित्र निर्माण की भावना मजबूत होती है।
गौरतलब है कि ADG राजा बाबू सिंह इससे पहले 2019 में ग्वालियर रेंज के पुलिस प्रमुख रहते हुए भी इसी तरह का अभियान चला चुके हैं। उस दौरान उन्होंने जेलों में बंद कैदियों सहित अन्य लोगों को भगवद गीता की प्रतियां वितरित की थीं और उन्हें जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया था।




