कोलकाता। बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली को निलंबित कर दिया है। अली पिछले महीने उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज स्टेट जनरल अस्पताल के उपाधीक्षक (गैर-चिकित्सा) पद से 13 अक्टूबर को इस्तीफा देकर अगले दिन भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि राज्य सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। लगभग 25 दिनों बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके निलंबन का आदेश जारी किया है।
अख्तर अली ने पिछले वर्ष कोलकाता स्थित आरजी कर अस्पताल में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाई थी। उस समय वे आरजी कर अस्पताल में उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। घटना का विरोध करने और संदीप घोष के कार्यकाल से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं पर खुलकर बोलने के बाद उनका तबादला पहले मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और फिर कालियागंज स्टेट जनरल अस्पताल में किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन के कारण के रूप में आरजी कर अस्पताल में वित्तीय भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का हवाला दिया है। अधिसूचना के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर जारी जांच में अख्तर अली की भूमिका के संबंध में कुछ सबूत सामने आए हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।




