रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर सियासत गर्मा गई है। शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने पार्टी के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उनके वीडियो बयान के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
इस मामले पर रायपुर उत्तर से विधायक पुरंदर मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं तो वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी बड़ी दिल वाली पार्टी है। हमारी पार्टी में किसी के आने या जाने से फर्क नहीं पड़ता।|
MLA मिश्रा ने कांग्रेस पर आदिवासियों के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, बृहस्पत सिंह कांग्रेस के पुराने आदिवासी नेता हैं, जो अपनी बात खुलकर रखते हैं। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से आदिवासियों को अपमानित करने वाला रहा है। पहले भी कांग्रेस के आदिवासी नेता अमरजीत भगत का माइक छीना गया था और अब बृहस्पत सिंह को अपशब्दों से अपमानित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का अपमान स्वीकार्य नहीं है।
बृहस्पत सिंह ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष की नियुक्तियों के लिए 5 से 7 लाख रुपए की मांग की गई। उन्होंने छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी शैलजा कुमारी ने टिकट वितरण के लिए पैसे लिए थे, जिससे पार्टी सत्ता से हाथ धो बैठी।




