अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी होने से पहले ही पार्टी के अंदर विवादों का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने अब प्रदेश सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिलाध्यक्ष बनाने के नाम पर दावेदारों से 5 से 7 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी जा रही है।
बृहस्पति सिंह ने आरोप लगाया कि, बलरामपुर, बैकुंठपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर और जशपुर जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनके मुताबिक, दावेदारों को एक मोबाइल नंबर से कॉल किया जा रहा है, जिसमें खुद को “जरिता मैडम का पीए” बताया जाता है। बाद में एक महिला की आवाज में कहा जाता है -“जरिता जी बात करेंगी… 5 से 7 लाख दो, जिलाध्यक्ष बना देंगे।”
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पूर्व विधायक ने यह भी दावा किया कि यह सिलसिला नया नहीं है। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा पर भी आरोप लगाया कि विधानसभा टिकट वितरण के दौरान भी उन्होंने प्रत्याशियों से पैसे वसूले थे। सिंह ने कहा, कुमारी शैलजा की कार्यशैली से छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमजोर हुई और अब वही स्थिति फिर से पैदा की जा रही है। इन गंभीर आरोपों पर जरिता लैतफलांग ने प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए सिर्फ इतना कहा, “नो कमेंट।”
वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि बृहस्पति सिंह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, इसलिए इस तरह के बयान देकर कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, अंबिकापुर कोतवाली थाने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पति सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन सौंपा है।




