इंटरनेशनल डेस्क। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ लगे 5 गंभीर आरोपों पर अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व पीएम को दोषी बताते हुए, उन्हें फांसी की सजा दी है। शेख हसीना को जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया।अदालत के इस फैसले से न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है।
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने अपने फैसले में शेख हसीना को मानवता के खिलाफ कदम उठाने का दोषी माना है। कोर्ट ने पूर्व पीएम के अलावा बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल के खिलाफ भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
शेख हसीना को भगोड़ा घोषित किया
जस्टिस मोहम्मद गोलाम मजूमदार की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि तीनों आरोपी प्रदर्शनकारियों की हत्या में शामिल थे, जिसके कारण पूरे देश में हिंसा भड़की थी। कोर्ट ने शेख हसीना और कमाल को भगोड़ा घोषित करते हुए चौधरी अब्दुल्ला को सजा देने की बात कही है।
बांग्लादेश हिंसा
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल हुई बांग्लादेश हिंसा में 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच 1400 लोगों की जान गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। वहीं, बांग्लादेश में हालात बेकाबू होने के बाद शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया था। तत्कालीन गृह मंत्री कमाल भी देश से भाग निकले थे। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पिछले 1 साल से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की गुहार लगा रही है, लेकिन भारत ने अभी तक इसपर कोई जवाब नहीं दिया है।




