नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की मांग अब बगावत का रूप ले चुकी है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों ने सीएम बदलाव की मांग को लेकर दिल्ली का रुख किया है। पिछले एक सप्ताह में यह तीसरी बार है जब शिवकुमार गुट के विधायक दिल्ली पहुंचे हैं।
तीसरा बैच दिल्ली में
शिवकुमार समर्थक विधायकों के दो बैच पहले से दिल्ली में हैं। तीसरा बैच छह से आठ विधायकों का पहुंच चुका है। इसमें मंत्री एन चालुवरयास्वामी, एमएलए इकबाल हुसैन, एचसी बालकृष्ण और एसआर श्रीनिवास शामिल हैं। शुक्रवार को 12 और विधायक दिल्ली पहुंचने वाले हैं।
नेतृत्व से स्पष्टता की मांग
शिवकुमार खेमे के विधायक कांग्रेस नेतृत्व से मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। वे मुलाकात के लिए समय मांग रहे हैं। यह दबाव 2.5 वर्ष के कथित सत्ता-साझेदारी फॉर्मूले को लागू करने का है, जिसके तहत सीएम सिद्धारमैया के बाद शिवकुमार को पद मिलना था।
खड़गे बेंगलुरु में रुके
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। दिल्ली लौटने का कार्यक्रम टाल दिया गया है। डिनर मीटिंग में भी नेताओं ने स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई थी।
पार्टी नेतृत्व सतर्क
कांग्रेस नेतृत्व जल्दबाजी से बच रहा है। नेताओं ने खुलकर टिप्पणी करने से परहेज किया है। शिवकुमार ने कहा कि सभी 140 विधायक मुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं। सिद्धारमैया ने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने की बात दोहराई।
सियासी तापमान बढ़ा
विधायकों की लामबंदी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा ने इसे अवसर बताया और कहा कि राज्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नेताओं को सार्वजनिक टिप्पणी न करने की चेतावनी दी।




