नई दिल्ली। एयरबस ने अपने A320 फैमिली के लगभग 6,000 विमानों में फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के एलिवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर (ELAC) में गंभीर सॉफ्टवेयर खामी का पता चलने के बाद विश्व स्तर पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है। यह खामी कॉस्मिक रेडिएशन के कारण उत्पन्न हो सकती है, जो ऊंचाई नियंत्रण से जुड़े डेटा में अचानक रुकावट पैदा कर सकती है।
यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA), ब्रिटेन का सिविल एविएशन अथॉरिटी और अमेरिकी FAA ने इमरजेंसी एयरवर्दीनेस डायरेक्टिव जारी कर सभी प्रभावित विमानों को यात्रियों के साथ उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया है। सुधार पूरा होने तक ये विमान केवल फेरी फ्लाइट्स ही संचालित कर सकते हैं।
समस्या की पहचान अक्टूबर में अमेरिका-मेक्सिको रूट पर जेटब्लू की एक A320 फ्लाइट में हुई थी, जिसमें विमान ने अचानक ऊंचाई खो दी थी। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान कम से कम 15 यात्री घायल हुए थे। जांच में पाया गया कि कॉस्मिक रेडिएशन के तेज स्पाइक ने ELAC यूनिट को गलत डेटा प्रोसेस करके पिच कंट्रोल में रुकावट पैदा की थी।
भारत में कुल 338 A320 सीरीज विमान इस खामी से प्रभावित हैं। डीजीसीए ने बताया कि इनमें से 270 विमानों का सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा हो चुका है और वे व्यावसायिक उड़ानें फिर शुरू कर चुके हैं। शेष विमानों पर काम तेजी से चल रहा है।
एयरबस के अनुसार अधिकांश विमानों को केवल तीन घंटे में सॉफ्टवेयर अपडेट से ठीक किया जा सकता है। हालांकि लगभग 900 पुराने विमानों में पूरी ELAC यूनिट ही बदलनी होगी, जिससे उनकी ग्राउंडिंग लंबी हो सकती है।
Wizz Air, EasyJet और कई अन्य एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि उनके अधिकांश प्रभावित विमान अपडेट के बाद सेवा में लौट आए हैं। ब्रिटिश एयरवेज और एयर इंडिया ने कहा कि उनके फ्लीट पर बहुत सीमित असर पड़ा है। प्रमुख ब्रिटिश हवाई अड्डों ने केवल मामूली देरी और रद्दीकरण की सूचना दी है।
एयरबस ने बयान में कहा कि यद्यपि इस कदम से कुछ उड़ानों में देरी और रद्दीकरण संभव हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और यह कार्रवाई उच्च सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य थी।
एविएशन विशेषज्ञों ने इसे असामान्य लेकिन गंभीर स्थिति बताया और कहा कि समय पर पहचान व त्वरित वैश्विक प्रतिक्रिया से बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने जोर दिया कि इस घटना के बावजूद हवाई यात्रा दुनिया का सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यम बनी हुई है।




