पटना। इंडिगो एयरलाइंस की लगातार उड़ानें रद्द होने का असर शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर स्पष्ट रूप से देखा गया। बड़ी संख्या में यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी, जबकि अन्य एयरलाइंस की टिकटें खरीदने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक बढ़ी मांग के कारण दिल्ली सहित मेट्रो शहरों की उड़ानों का किराया रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
सबसे अधिक असर शनिवार की दिल्ली उड़ानों पर देखने को मिला। स्पाइसजेट की शनिवार रात 9:40 बजे वाली पटना–दिल्ली उड़ान का किराया बढ़कर 60,000 रुपये तक पहुंच गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की दिल्ली उड़ान का किराया भी बढ़कर 20,000 रुपये तक हो गया है।
पटना से चेन्नई की शनिवार की उड़ान का किराया 41,000 रुपये से अधिक है, जबकि रविवार को यह 46,000 रुपये पार कर गया। रविवार को पटना–मुंबई उड़ान का किराया 46,000 रुपये से शुरू होकर 90,000 रुपये से भी अधिक हो गया है।
यात्रियों की परेशानी यहीं नहीं रुकी। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई के लिए 6 दिसंबर की लगभग सभी टिकटें एयरलाइंस में फुल हो गईं। एयर इंडिया में दिल्ली और मुंबई की उड़ानों के लिए अब केवल तीन दिन बाद की ही टिकटें उपलब्ध हैं। उड़ानों की कम उपलब्धता और बढ़ी मांग ने किराए को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।
एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ रही। डिपार्चर एरिया में टिकट कैंसिल, रिसिड्यूल और रिफंड के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि अराइवल एरिया फ्लाइट रद्द होने के कारण शांत और लगभग खाली दिखाई दिया।
यात्रियों का कहना है कि वे चाहकर भी टिकट नहीं खरीद पा रहे हैं, क्योंकि किराया बेहद बढ़ गया है और अचानक यात्रा करना मुश्किल हो गया है। कुछ यात्रियों ने कहा कि यदि उन्हें पहले जानकारी मिल जाती, तो वे ट्रेन या सड़क मार्ग से यात्रा की योजना बना लेते।
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से उत्पन्न टिकट संकट और किराए में भारी उछाल ने यात्रियों को गंभीर दिक्कत में डाल दिया है।




