रायपुर। प्रदेश में लगातार सामने आ रही धर्मांतरण की घटनाओं के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अब इस पर सख्ती से लगाम लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन में ऐलान किया कि राज्य सरकार जल्द ही धर्मांतरण पर नया कानून लाने जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन में गौ-संरक्षण को लेकर भी कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों पर अब कोई भी गाय या मवेशी नजर नहीं आना चाहिए। इस दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है। सीएम ने जानकारी दी कि राज्य में वर्तमान में लगभग सवा 100 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिन्हें अब 5 लाख रुपये के बजाय 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी नई गौशालाओं की स्थापना की जा रही है।
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साय ने कहा कि, जब गाय दूध देना बंद कर देती है, तो उसे सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। यह स्थिति ठीक नहीं है। हिंदू भाइयों को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों पर आवारा मवेशी नहीं दिखेंगे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जशपुर में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च स्थित है, लेकिन इसके बावजूद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने “घर वापसी” अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता भी गांव-गांव जाकर हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं।




