राजनांदगांव। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज में लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डायरिया से पीड़ित 18 वर्षीय युवती की मौत उस वक्त हो गई, जब इमरजेंसी में ऑन-कॉल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने फोन रिसीव नहीं किया और समय रहते उपचार नहीं हो सका। ट्रेनी डॉक्टरों ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी युवती की मौत हो गई।
इस घटना को लेकर मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. नवीन तिर्की ने डॉक्टर चेतन साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले ने अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अंबागढ़ चौकी से 12 किमी दूर ग्राम करमतरा निवासी 18 वर्षीय हेमलता सिन्हा, 16 जुलाई की सुबह तेज पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते अंबागढ़ चौकी अस्पताल लाई गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद युवती की हालत बिगड़ती देख उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पेंड्री) रेफर कर दिया गया।
परिजन रात को युवती को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए, जहां ट्रेनी डॉक्टरों और नर्सों ने इलाज शुरू किया। युवती को शॉक की स्थिति भी आने लगी थी, ऐसे में इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने तत्काल ऑन-कॉल ड्यूटी डॉक्टर डॉ. चेतन साहू को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
ट्रेनी डॉक्टरों ने की कोशिश, नहीं बची जान
डॉक्टर साहू के फोन न उठाने पर ट्रेनी डॉक्टरों ने अपने स्तर पर इलाज जारी रखा। लेकिन मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी, और सभी प्रयासों के बावजूद 17 जुलाई की सुबह हेमलता की मौत हो गई।
कार्रवाई के संकेत
मामले की शिकायत मिलने पर एचओडी डॉ. नवीन तिर्की ने डॉ. चेतन साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। परिजनों ने भी लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।




