बोड़ला (कवर्धा)। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी की कथित मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने एक युवक की जान ले ली। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना और अवैध धन उगाही के चलते माखन लाल यादव नामक युवक ने आत्महत्या कर ली। मामला क्षेत्र के थानेदार राजेश चंट की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
घटना के बाद गांववालों ने शव को लेकर थाने का घेराव किया और कड़ी नारेबाजी की। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और मृतक के परिजनों को ₹25,000 अंतिम संस्कार के लिए दिए।
क्या है मामला?
परिजनों के मुताबिक, माखन लाल यादव का छोटा भाई गोपाल यादव हाल ही में चोरी के एक मामले में बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तार किया गया। गोपाल ने बताया था कि कुछ संदिग्ध लोग चोरी का सामान लेकर उसके पास आए थे, जिसे उसने पहचानने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किया था।
इसके बावजूद पुलिस ने चोरों को पकड़ने के बजाय गोपाल को ही आरोपी बना दिया और उस पर ₹3 लाख की अवैध मांग करने लगी। पुलिस का यह दबाव पूरे परिवार पर डाला जा रहा था। इस तनाव और मानसिक उत्पीड़न से आहत होकर माखन लाल ने आत्महत्या कर ली।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर इकट्ठा हुए और थाना प्रभारी राजेश चंट के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है और अवैध वसूली कर रही है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और तत्काल निलंबन की मांग की है।
उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल
यह मामला खासतौर पर इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि यह गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गृहमंत्री के क्षेत्र में ही पुलिस जनता को प्रताड़ित कर रही है, तो राज्य में कानून व्यवस्था की हालत क्या होगी?
ग्रामीणों ने सरकार से सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।




