रायपुर। गणेश उत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े नियम तय किए हैं। इस बार पंडाल लगाने से पहले गणेश उत्सव समितियों को प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाने होंगे। साथ ही रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
एडिशनल कलेक्टर उमाशंकर बंदे और एडिशनल एसपी लखन पटले ने गणेश उत्सव समितियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि सभी समितियों को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। एडिशनल एसपी ने कहा कि समितियां अपने-अपने पंडालों में स्वयंसेवक तैनात करें और रात के समय विशेष निगरानी भी सुनिश्चित करें।
झांकियों का निर्धारित रूट
बैठक में यह तय किया गया कि झांकियां केवल निर्धारित मार्ग शारदा चौक – जयस्तंभ – मालवीय रोड – कोतवाली चौक – सदरबाजार – सत्तीबाजार – कंकालीपारा – पुरानी बस्ती थाना – लीलीचौक – लाखेनगर – रायपुरा – महादेवघाट से ही निकलेंगी। शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक झांकी निकालने पर रोक रहेगी।
विसर्जन सिर्फ महादेवघाट में
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल महादेवघाट कुंड में ही किया जाएगा। समितियों को निर्देश दिया गया है कि –
- झांकियों की ऊंचाई बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी पर रखी जाए।
- जनरेटर और वायरिंग पूरी तरह सुरक्षित हों।
- स्वयंसेवकों और समिति सदस्यों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को दी जाए।
- विसर्जन के दौरान छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ में लाने से बचा जाए।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




