जशपुर। जिले के किसानों के हित में चलाई जा रही कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर, एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यूआर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने बगिया स्थित निवास कार्यालय से किया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में कृषि और उद्यानिकी फसलों के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ और कटहल जैसी फसलों का भरपूर उत्पादन हो रहा है। बाजार के सीमित विकल्पों के कारण किसानों को अब तक अपनी उपज औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचनी पड़ती थी। अब क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से किसान सीधे खरीदारों तक पहुंच सकेंगे और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा त्वरित सहायता भी मिलेगी। इन पहलों से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीडीबी के सहयोग से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम नस्ल के दुधारू पशुओं का वितरण और ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारंभ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची और कटहल का पर्याप्त उत्पादन होता है। विगत दिनों जशपुर में कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में नई पहल से किसानों को उत्पादों के प्रसंस्करण और निर्यात में लाभ मिलेगा।
किसानों के शैक्षणिक भ्रमण को हरी झंडी
कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांतर्गत 35 किसानों के दल को रायपुर और दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें कुनकुरी के 15 और कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। भ्रमण के दौरान बीएनआर सीड रायपुर और इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
किसान कॉल सेंटर नंबर – +91-8069378107
जिले के किसान खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए +91-8069378107 पर कॉल कर विशेषज्ञों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी और समस्याओं का शीघ्र निराकरण होगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों की टीम कार्य करेगी, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक और अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल हैं। किसान कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप के माध्यम से भी जुड़ सकेंगे।
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जी कॉम इंडिया से पूरे देश से जुड़ेंगे किसान
जिले के किसान अब जी कॉम इंडिया के क्यूआर कोड से देश के किसी भी कोने में बैठे क्रेताओं से सीधे जुड़कर व्यापार कर पाएंगे। इस व्यवस्था से किसान स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगे और पूरे देश की मंडियों तक पहुंच बना सकेंगे। ऐप के माध्यम से खरीदार किसानों की उपज की जानकारी लेकर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे। यदि किसी किसान के पास पर्याप्त मात्रा में उपज उपलब्ध नहीं है तो वह सामुदायिक स्तर पर अन्य किसानों की उपज को जोड़कर क्रेताओं तक पहुंचा सकेगा।
इस अभियान से किसानों को धान के साथ-साथ तिलहन, दलहन और नगदी फसलों का भी घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसानों को केवल अपनी उपलब्ध फसल की जानकारी दर्ज करनी होगी, जिसके बाद खरीदार सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगे।




