रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार सुबह बड़ा धमाका हुआ, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापा मारा और उनके बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ठीक उसी दिन हुई, जिस दिन चैतन्य अपना जन्मदिन मना रहे थे।
ED की इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कोर्ट ने चैतन्य को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे करोड़ों की अवैध लेनदेन और आपराधिक सिंडिकेट को समर्थन देने के आरोपों पर पूछताछ की जाएगी।
अबूझमाड़ में बड़ा ऑपरेशन: मुठभेड़ में 6 नक्सली लीडर ढेर, भारी मात्रा में हथियार जब्त
ED का दावा: ‘लेयरिंग के जरिए किया घोटाले से लाभ’
ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडे ने दावा किया कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि चैतन्य ने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए धन को छिपाने और घुमाने का प्रयास किया।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
वहीं, बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और कहा कि यह गिरफ्तारी एक राजनीतिक हथकंडा है।




