EOW Raid in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में भारतमाला परियोजना के तहत हुए मुआवजा वितरण में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इस घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू ने हाल ही में 16 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने रायपुर से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित 950 किमी लंबी सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई ज़मीनों पर फर्जी तरीके से मुआवजा प्राप्त करने के लिए 1-1 भूमि पर 6-6 लोगों के नाम से मुआवजा निकाल कर करोड़ों रुपये का गबन किया।
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ईओडब्ल्यू की छापेमारी में शामिल प्रमुख नाम:
- निर्भय कुमार साहू (SDM, नवा रायपुर)
- लखेश्वर प्रसाद किरण (तहसीलदार, कटघोरा-बिलासपुर)
- शशिकांत कुर्रे (तहसीलदार, माना बस्ती-अभनपुर)
- रोशन लाल वर्मा (RI, कचना रायपुर)
- जितेंद्र कुमार साहू, दिनेश कुमार साहू, लेखराम देवांगन (पटवारी)
- अमरजीत सिंह गिल, हरजीत सिंह खनूजा, हरमीत सिंह खनूजा (ठेकेदार)
- योगेश कुमार देवांगन (जमीन दलाल)
- विजय जैन (कारोबारी)
- बसंती घृतलहरे, उमा तिवारी, दशमेश (संबंधित व्यक्ति)
EOW Raid in Chhattisgarh: इन सभी के ठिकानों पर नया रायपुर, दुर्ग, अभनपुर, भिलाई, आरंग, बिलासपुर, महासमुंद सहित कई जिलों में दबिश दी गई। प्रारंभिक जांच में घोटाले की राशि करीब 43 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन विस्तृत जांच में यह आंकड़ा 220 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है। अब तक 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का दस्तावेजी रिकॉर्ड भी ईओडब्ल्यू को मिल चुका है।
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भारतमाला परियोजना और भूमि अधिग्रहण:
EOW Raid in Chhattisgarh: भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक 950 किमी की सड़क बनाई जा रही है, जिसमें रायपुर से विशाखापट्टनम तक फोरलेन और दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क प्रस्तावित है। इस निर्माण के लिए सरकार द्वारा ज़मीन अधिग्रहित की गई है। भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के अनुसार, यदि 5 लाख की ज़मीन ली जाती है, तो उतनी ही राशि सोलेशियम के रूप में भी दी जाती है, जिससे कुल मुआवजा 10 लाख या उससे अधिक होता है। इसी नियम का दुरुपयोग कर मुआवजा राशि में फर्जीवाड़ा किया गया है।
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विपक्ष की मांग:
EOW Raid in Chhattisgarh: इस घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने 6 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र 2025 में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपने का फैसला लिया गया।




