Bilaspur News: बिलासपुर के आदिवासी विकास विभाग के हॉस्टल में रहने वाले बच्चे बारिश में जलभराव की समस्या से परेशान हैं। यहां बारिश होने पर नाले के ओवरफ्लो का पानी हॉस्टल परिसर में जमा हो जाता है। वहीं, उन्हें भरपेट भोजन भी नहीं मिल पाता। मंगलवार को कलेक्टर अवनीश शरण हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे, तब छात्राओं ने समस्याएं गिनाई। कलेक्टर ने तत्काल सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।
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Bilaspur News: छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि, मैट्रिक हॉस्टल परिसर के किनारे से होकर नाला गुजरता है, जिसकी सफाई नहीं होने या फिर ज्यादा बारिश होने की स्थिति में नाले में ओवरफ्लो हो जाता है। बारिश का पानी हॉस्टल परिसर में भर जाता है। इससे छात्राओं को काफी दिक्कतें होती है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को नाले की सफाई और इसमें आवश्यक सुधार करने के साथ ही पानी को डायवर्ट करने के उपाय करने कहा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किताबें नहीं
कलेक्टर ने हॉस्टल की लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं के एक भी बुक्स नहीं है। इस पर कलेक्टर ने सहायक आयुक्त सीएल जायसवाल पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्हें लाइब्रेरी में किताबों के साथ नोट्स भी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को करियर संबंधी मार्गदर्शन और उनकी रुचि के अनुसार किताबें उपलब्ध कराने कहा।
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कलेक्टर बोले- पर्याप्त मात्रा में मिले भोजन
Bilaspur News: निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोई घर में बन रहे भोजन का भी जायजा लिया। हॉस्टल में 100 बच्चे रहते हैं। लेकिन, उनके लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन व सब्जी नहीं बनी थी, जिसे देखकर कलेक्टर अवनीश शरण नाराज हो गए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों को भरपेट भोजन और सब्जी परोसने के निर्देश दिए।

कैरम में छात्रा से हार गए कलेक्टर
कलेक्टर इसके बाद बैगा आवासीय कन्या छात्रावास का भी निरीक्षण किया। छठवीं से 10वीं तक 100 बैगा सहित आदिवासी बच्चियां यहां रहकर पढ़ाई करती हैं। कलेक्टर ने आदिवासी बच्चियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन भी दिया।
उन्होंने कन्या हॉस्टल में संचालित स्मार्ट क्लास और इंडोर गेम कक्ष का भी निरीक्षण किया। आदिवासी बच्ची चन्द्रमणि पैकरा के साथ कैरम खेल में भी हाथ आजमाया। कैरम में छात्रा चंद्रमणि ने कलेक्टर को मात दे दी।




