नई दिल्ली। इंडियन रेलवे की तत्काल टिकट सेवा में बड़े स्तर पर धांधली का खुलासा हुआ है। इंडिया टुडे की OSINT टीम ने टेलीग्राम और वॉट्सऐप पर 40 से ज्यादा ऐसे ग्रुप्स की पहचान की है, जो ई-टिकटिंग के अवैध कारोबार में शामिल हैं। इन ग्रुप्स में हजारों एजेंट्स एक्टिव हैं, जो बॉट्स और तकनीकी तरकीबों से यात्रियों के लिए उपलब्ध तत्काल टिकट पहले ही खरीद लेते हैं।
Tecno Spark 40 सीरीज दमदार फीचर्स के साथ हुआ लॉन्च
रेल मंत्रालय ने इस पर रोक लगाने के लिए 1 जुलाई से नया नियम लागू किया है। अब तत्काल टिकट सिर्फ IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से ही बुक किए जा सकते हैं और इसके लिए आधार से लिंक अकाउंट अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत
लेकिन नियम लागू होते ही ई-टिकटिंग से जुड़े रैकेट्स ने नया रास्ता खोज लिया। वे अब आधार वेरिफाइड IDs और OTPs बेचने लगे हैं।
इस रैकेट में सिर्फ एजेंट ही नहीं, बल्कि तकनीकी जानकार भी शामिल हैं, जो IRCTC सिस्टम की कथित खामियों का फायदा उठाने का दावा करते हैं। वे इंटरनेशनल नंबरों से अपनी पहचान छिपाकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर ऑपरेट करते हैं।




