रायपुर। राजधानी में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक बार फिर बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना सामने आई है। काली माता वार्ड में एक महिला द्वारा बूथ लेवल ऑफिसर से अभद्र बर्ताव और हाथापाई किए जाने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह घटना दोपहर की बताई जा रही है, जहां महिला ने एसआईआर फॉर्म घर तक समय पर न पहुंचाने पर बीएलओ के साथ झगड़ा किया।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला फॉर्म घर तक पहुंचाने की मांग कर रही थी। फॉर्म मिलने में देरी होने पर वह गुस्से में आ गई और बीएलओ को धक्का देकर मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में महिला को लगातार अपशब्द बोलते और हाथापाई करते देखा जा सकता है। वार्ड के स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर रोष है और लोगों ने महिला के व्यवहार की कड़ी निंदा की है। प्रशासनिक कर्मचारियों का कहना है कि एसआईआर फॉर्म को लेकर कई क्षेत्रों में विवाद की स्थिति बनी हुई है।
इससे पहले भी रायपुर में बीएलओ अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पूर्व महंत लक्ष्मी नारायण वार्ड में एसआईआर सर्वे के दौरान एक महिला बीएलओ ने भाजपा पार्षद पर धमकी देने का आरोप लगाया था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बीएलओ अपने वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर रोते हुए शिकायत करती दिखाई दी थीं। उनका आरोप था कि पार्षद ने उनसे पूछा कि वे कांग्रेस के बीएलए के साथ क्यों सर्वे कर रही हैं और भाजपा बीएलए के साथ क्यों नहीं। बीएलओ ने यह भी कहा था कि पार्षद ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने मतदाता विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान फील्ड में काम कर रहे बीएलओ की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्वाचन कर्मियों का कहना है कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि बीएलओ सुरक्षित वातावरण में अपना कार्य कर सकें और निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रह सके।




