Breaking News: पुणे रोड एक्सीडेंट मामले में एक बड़ा ख़ुलासा देखने को मिला है आज पुलिस ने इस मामले में ससुन हॉस्पिटल के 2 डॉक्टर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों डाक्टरों ने ही नाबालिग के ब्लड रिपोर्ट में हेरफेर की। इस मामले का खुलासा कांग्रेस नेता रविंद्र धंगेकर की ओर से किया गया। उन्होंने एनसीपी अजीत पवार गुट के एक मंत्री पर खुलकर आरोप लगाया है कि इस नेता के कहने पर ही डॉक्टरों ने नाबालिग की रिपोर्ट में बदलाव किया था।
कांग्रेस नेता रविंद्र धंगेकर ने एनसीपी अजीत पवार गुट के नेता हसन मुश्रीफ पर सीधा आरोप लगाया है कि उनके कहने पर ही डॉक्टरों ने रिर्पोट बदला था। इस आरोप पर बचाव करते हुए राज्य के मेडिकल एजुकेशन मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं थी, कुछ दिन पहले हुए एक एक्सिडेंट मामले में ससुन हॉस्पिटल के दो डॉक्टर्स को ब्लड सैम्पल बदलने के आरोप में आज गिरफ्तार किया और कांग्रेस विधायक रविन्द्र धनगेकर ने मुझपर आरोप लगाया कि मेरे इशारे पर यह सब हुआ। ये पूरी तरह झूठ है चुनावी माहोल के चलते वे ऐसा कह रहे है।
मेडिकल एजुकेशन मंत्री ने यह भी कहा कि आज सुबह ही मुझे ससुन हॉस्पिटल के दो डॉक्टर की गिरफ्तारी का पता चला। हम इस मामले की पूरी जाँच करेंगे। मै उन्हें एक अच्छा जनप्रतिनिधि समझ रहा था, लेकिन देश में चुनाव के माहोल के कारन वे ऐसा कह रहे हैं।अगर दो दिनों में धनगेकर ने मुझसे माफी नही मांगी तो मैं कोर्ट में धंगेकर के खिलाफ झूठे आरोप लगाने हेतु केस दर्डाज करूँगा।

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में ससुन हॉस्पिटल के 2 डॉक्टर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पुणे के ससून अस्पताल के इन्हीं दो डॉक्टरों ने नाबालिग का ब्लड सैंपल बदला था, जिससे सैंपल में अल्कोहल की मात्रा नहीं पाई गई थी। नाबालिग के परिजनों ने डॉक्टर्स को पैसों का लालच दिया था। डॉ. अजय तावरे ससून अस्पताल में फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी के प्रमुख हैं एवं डॉ. श्रीहरि हरलोल इमरजेंसी विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं।




