नई दिल्ली। देशभर के 15,000 से ज्यादा डीलर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने सरकार को आगाह किया है कि अगर GST स्लैब में बदलाव में देरी हुई तो इस साल की त्योहारी बिक्री पर सीधा असर पड़ सकता है। दिवाली और नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान कार बाजार को सबसे ज्यादा बिक्री मिलती है, लेकिन इस बार संभावित GST कट की उम्मीद में ग्राहकों ने खरीदारी टाल दी है।
ग्राहकों का इंतजार, डीलर्स की मुश्किलें
ग्राहकों को उम्मीद है कि GST दरों में कटौती से कारों और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई सामान सस्ते हो सकते हैं। इसी कारण फिलहाल खरीदारी रुकी हुई है। इससे डीलर्स मुश्किल में हैं क्योंकि त्योहारों को ध्यान में रखकर उन्होंने पहले से ही बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा किया है।
FADA का कहना है कि बिक्री पहले से ही कमजोर है और अब GST कट की संभावना ने डिमांड और कम कर दी है। शॉर्ट टर्म चैनल फाइनेंसिंग से इन्वेंट्री जुटाने वाले डीलर्स वित्तीय दबाव में हैं। अगर अगले 45-60 दिन बिक्री सुस्त रही तो ब्याज दरों और क्रेडिट लिमिट पर असर पड़ सकता है। FADA ने सरकार से अपील की है कि GST काउंसिल की बैठक जल्द बुलाकर नए रेट लागू किए जाएं और बैंकों को निर्देश दिया जाए कि वे डीलर्स को अतिरिक्त समय और राहत दें।
ऑटो सेक्टर पर डबल झटका
ऑटो कंपनियों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण है। बाजार पहले से सुस्त है और अब त्योहारों की डिमांड टलने से इन्वेंट्री बढ़ सकती है। साथ ही E20 पेट्रोल के चलते गाड़ियों के माइलेज में 25% तक कमी की आशंका भी बनी हुई है। इससे ग्राहक खरीदारी से पहले और सोच-समझकर फैसले लेंगे।
महंगे सामान की बिक्री भी प्रभावित
कारों के साथ-साथ टीवी और एसी जैसे महंगे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री पर भी असर दिख रहा है। कई डीलर्स नए स्टॉक लेने से बच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक GST में बदलाव लागू नहीं होता, ग्राहक इंतजार की स्थिति में रहेंगे।
दिवाली से उम्मीदें
उद्योग जगत का मानना है कि अगले दो महीने कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे। नवरात्र तक डिमांड कमजोर रह सकती है और एसी व इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को अगस्त-सितंबर में भी सुस्ती का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन से बाजार में 15-18% तक उछाल आने की उम्मीद है।




