रायपुर। जंगल सफारी की बाघिन बिजली का गुजरात स्थित वनतारा जामनगर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बिजली 8 साल की थी और पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी।
जानकारी के अनुसार, बाघिन बिजली को यूट्रस और ओरल इन्फेक्शन की समस्या थी। उसकी स्थिति में लगातार गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद रायपुर जंगल सफारी में प्राथमिक इलाज किया गया। स्थिति में सुधार न होने पर विशेषज्ञों की टीम ने उसे ट्रेन के स्पेशल कोच में भेजकर जामनगर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू सेंटर में उच्च स्तरीय इलाज के लिए रवाना किया था।
वनतारा सेंटर में बिजली का एक महीने तक इलाज चलना था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। वनतारा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली की मौत के बाद पोस्टमार्टम कल वन विभाग की टीम और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा।
बाघिन बिजली लंबे समय से जंगल सफारी में लोगों के बीच लोकप्रिय थी। उसके इलाज के लिए रेलवे अधिकारियों ने भी विशेष अनुमति दी थी। दक्षिण पूर्व मध्य रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी और हावड़ा मुख्यालय के अधिकारियों की चर्चा के बाद हावड़ा-अहमदाबाद ट्रेन में रायपुर से उसे जामनगर भेजा गया था।
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