रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने अपनी आगामी परीक्षाओं के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई एडवाइजरी में परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता, नकल या परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने जैसी गतिविधियों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए स्पष्ट किया गया है कि, ऐसे मामलों में उम्मीदवार को दो वर्षों तक सभी परीक्षाओं से वंचित किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
परीक्षा कक्ष में सख्त अनुशासन लागू
व्यापमं के अनुसार, परीक्षा कक्ष में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित व्यवहार करता है, जैसे चिल्लाना, बात करना, फुसफुसाना या इशारों से संवाद करना, तो वीक्षक को अधिकार होगा कि वह उसकी परीक्षा तत्काल निरस्त कर दे। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ईयरफोन जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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नकल की परिभाषा हुई विस्तृत
नई एडवाइजरी के तहत नकल की परिभाषा को व्यापक बनाते हुए कई गतिविधियों को इसमें शामिल किया गया है। उत्तरपुस्तिका की अदला-बदली, किसी अन्य को उत्तरपुस्तिका या नकल सामग्री दिखाना, नकल सामग्री छुपाना या वीक्षक द्वारा जब्त की गई सामग्री को नष्ट करने का प्रयास करना, अब सभी को नकल की श्रेणी में माना जाएगा।
प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच, मोबाइल जैमर की व्यवस्था
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सभी परीक्षार्थियों की प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला आरक्षकों द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों में मोबाइल जैमर भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक नकल को रोका जा सके।
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हस्ताक्षर से इनकार करने पर भी होगी कार्रवाई
नकल करते या नकल सामग्री के साथ पकड़े गए परीक्षार्थियों से वीक्षक व केंद्राध्यक्ष द्वारा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं। यदि कोई परीक्षार्थी हस्ताक्षर करने से इनकार करता है, तो इसे भी अनुशासनहीनता मानते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा संचालन में लगे अधिकारियों से अभद्र व्यवहार या धमकी देने की स्थिति में भी उम्मीदवार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अनुचित साधन समिति करेगी जांच, होगा अंतिम निर्णय
व्यापमं ने बताया कि ऐसे सभी मामलों की जांच अनुचित साधन समिति द्वारा की जाएगी। समिति में परीक्षा नियंत्रक सहित चार वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यदि समिति द्वारा उम्मीदवार को दोषी पाया जाता है, तो उसका निर्णय अंतिम माना जाएगा।
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डिबार और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
व्यापमं ने स्पष्ट कहा है कि अनुशासनहीनता या नकल जैसे गंभीर मामलों में आरोपी परीक्षार्थी को दो वर्ष तक व्यापमं की सभी परीक्षाओं से डिबार किया जा सकता है। इसके अलावा, परिस्थितियों के अनुसार पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।




