गौरेला पेंड्रा मरवाही। मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की सात सदस्यीय टीम ने सोमवार को मरवाही में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला व्यापारी जफर शेख को गिरफ्तार किया। उस पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के कोयले की अवैध बिक्री का आरोप है। यह कार्रवाई भोपाल में दर्ज एक आर्थिक अपराध के मामले में की गई है, जिसमें मुख्य आरोपी विनोद सहाय पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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EOW की जांच में सामने आया है कि जफर शेख की दो कंपनियां—अम्बर कोल डिपो और अनम ट्रेडर्स—ने विनोद सहाय की फर्म JMKD कोल से जुड़ी कई अन्य कंपनियों के साथ लेन-देन किया था। शेख ने कोयला आपूर्ति की फर्जी बिलिंग भाटिया कोल, खालसा कोल, आर्यन कोल वॉशरी, जैन कोल वॉशरी, प्रकाश इंडस्ट्रीज, एमएसपी पावर और बीएस सिंघल पावर प्लांट जैसे प्रतिष्ठानों के नाम पर की थी। इन बिलों को वैध दिखाने के लिए झूठे सप्लाई दस्तावेज तैयार कराए गए।
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भोपाल के कोहेफिजा थाने में इस मामले में IPC की धाराओं 409, 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज है। सोमवार को EOW की टीम ने मरवाही में छापा मारकर जफर शेख को उसके निवास से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए भोपाल ले गई। मामले में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के अन्य कोयला व्यापारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है। EOW को शक है कि इस घोटाले से सरकार को करोड़ों का टैक्स और खनिज नुकसान हुआ है।




