कांकेर। धर्मांतरण के बाद एक ग्रामीण की मौत और उसके पश्चात कफन-दफन के विवाद ने बीते दिनों जामगांव में तनाव की स्थिति पैदा कर दी थी। अब इस घटना को लेकर ईसाई समुदाय में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। शनिवार को कांकेर के मेलाभाटा मैदान में हजारों की संख्या में ईसाई समाज के लोग एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
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कब्र से शव निकालने पर आक्रोश
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जामगांव में एक मृतक की कब्र खोदकर शव निकाला गया, साथ ही पीड़ित परिवार को धमकाया गया और स्थानीय चर्च में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने इसे सांप्रदायिक उकसावे की कोशिश बताया और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
भारी पुलिस बल तैनात, रैली को रोका गया
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने निकले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
पांच सूत्रीय मांगों के साथ ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने अपनी पांच प्रमुख मांगें प्रशासन को सौंपी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- कब्र से शव निकालने की उच्चस्तरीय जांच
- प्रार्थना सभा स्थल पर तोड़फोड़ करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- दुर्ग में गिरफ्तार नन को न्याय दिलाना
दुर्ग की घटना को भी जोड़ा गया
प्रदर्शनकारियों ने दुर्ग जिले में एक नन की गिरफ्तारी को भी अनुचित बताया और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस पर भी विरोध दर्ज कराया।




