रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने शासकीयकरण का दर्जा देने की अपनी मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिलों में सैकड़ों की संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपना काम पूर्णतः बंद रखा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि साल 2018 और 2023 में सरकारों ने चुनाव से पहले उनके लिए वादे किए थे, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कम मानदेय पर काम करने के बावजूद उन्हें काम के अनुरूप सम्मान नहीं मिलता।
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छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने दोपहर जिला कलेक्ट्रेटों का रुख किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने नियमितीकरण की मांग की और कहा कि उन्हें तत्काल शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि, पर्यवेक्षक भर्ती में आयुसीमा बंधन हटाना और 50 प्रतिशत पदोन्नति देने की भी मांग रखी। इसके अलावा, सहायिकाओं के लिए शत-प्रतिशत पदोन्नति की भी मांग की जा रही है।




