दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक आदतन अपराधी साबास खान को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को मंत्रालय रायपुर में “बड़ा बाबू” बताकर बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की। आरोपी ने छत्तीसगढ़ के छह जिलों में 30 लाख 94 हजार रुपये की ठगी की। स्मृति नगर चौकी पुलिस ने उसे महासमुंद से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ठगी का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी ढालसिंह वर्मा ने स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। ढालसिंह ने बताया कि 6 मार्च 2025 को उनकी मुलाकात साबास खान से हुई थी। आरोपी ने खुद को मंत्रालय रायपुर में “बड़ा बाबू” बताते हुए ढालसिंह और उनके साथियों को मंत्रालय और डाकघर में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। साबास ने नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनसे मोटी रकम ऐंठ ली।
पुलिस कार्रवाई
शिकायत के आधार पर स्मृति नगर चौकी पुलिस ने भारतीय नवीन संहिता (BNSS) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों, जैसे कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, के आधार पर आरोपी साबास खान को महासमुंद से गिरफ्तार किया। उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
आदतन अपराधी का रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, साबास खान एक आदतन अपराधी है और पहले भी इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उसके खिलाफ रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, राजनांदगांव, और कोरबा के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि आरोपी के आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क किया जा रहा है।
ठगी का तरीका
साबास खान बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था और मंत्रालय में अपनी कथित पहुंच का दावा कर नौकरी का लालच देता था। वह पीड़ितों से नकद और डिजिटल पेमेंट के जरिए पैसे लेता था, और बाद में फोन बंद कर फरार हो जाता था। पुलिस ने उसके पास से कई बैंक खातों की जानकारी और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया था।




